कुष्ठरोग

कुष्ठरोग या कोढ़ (leprosy) या हैन्सेन कय रोग (Hansen’s disease) (एचडी) (HD),चिकित्सक गेरहार्ड आर्मोर हैन्सेन (Gerhard Armauer Hansen) कय नाँव पय, माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से होय वाला दीर्घकालिक बेमारी होय । .यकरे संक्रमण से नसा , साँस कय नली ,चमड़ा औ आखिँ कय हानि करत हय । नसा कय हानि से मनइ कय पीरा महसुस करेक क्षमता घटि जात है जवने कय नाते गोड़े या हाथे मा चोट या कवनो संक्रमण से ऊ अंग भंग होयक संभावना बहुतै ढेर रहत है । इ रोग छुयै से लागै वाला रोग होय , कुष्ठरोग बेमार कय खोखिं कय छिँटा से या नकूना कय पानी से इ रोग दुसरे स्वस्थ मनइ कय लागि सकत हय ,लेकिन बहुत ढेर सम्पर्क होब जरुरि रहत हय औ लगभग सम्पर्क मा आवल ९५% मनइन कय इ रोग नाइ लागत हय । मनई कय इम्यून तंत्र यहमा बड़ा भूमिका खेलत हय । गर्भवति मेहरारू से ओकरे लरिका मा इ रोगि नाइ नाइ फैलत हय ना तव यौन संपर्क से इ रोग फइलत हय । गरीबी मा रहय वाले लोगन मा इ रोग ढेर पाय जात हय काहे से अइसन ढेर अवस्था मा रहय कय खर्तिन कम जगह होत हय औ किटाणु से छुवाय कय संभावना ढेर रहत हय । इ रोग दुई मेर कय होत हय : पौसी बैसिलरी औ मल्टी बैसिलरी । पौसी बैसिलरी रोग मा चमड़ा मा ५ या ओसे थोरय कम संवेदनसील चकती या धब्बा होत हय । मल्टी बैसिलरी मा चमड़ा ५ से ढेर धब्बा होत हय जवने मा पीरा मह्सुस करय वाला क्षमता कम होत हय ।

कुष्ठरोग (हैनसेन कय रोग)
कुष्ठरोग
कुष्ठरोग लाग एक्ठु 24-साल कय मनई
वर्गीकरण औ बहरे कय लिंक
विभागinfectious diseases[*]
आइसिडी-१०A30
आइसिडी-९ सिएम030
ओएमआइएम246300
डिजिज-डिबी8478
मेडलाइन प्लस001347
इ-मेडिसिनmed/1281 खाँचा:EMedicine2 खाँचा:EMedicine2
प्यासेन्ट युकेकुष्ठरोग
एमई-एसएचखाँचा:Mesh2

कारण

माइकोबैक्टेरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) औ माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) जीवाणुन् कय नाते से इ रोग होत हय । माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस (Mycobacterium lepromatosis) नँवा मेर कय माइकोबैक्टेरियम होय । इ एसिड़ फास्ट बैक्टेरिया होय ।

जोखिम समूह

इ रोग लागैक सबसे बडा जोखिम होय इ रोग लागल मनई कय सम्पर्क मा आइब।जे कुष्ठरोग कय रोगी कय सम्पर्क मा हय ओका इ रोग लागैक संभावाना अउर मनइन से ७ से ८ गूना ढेर रहत हय ।कम बिछौना, दूषित पानी औ कम खाना, जइसन खराब स्थिति या इम्यून तन्त्र कय घटावय वाला अउर रोग जइसय एचाआइभी मा इ रोग लागैक जोखिम ढेर रहत हय । कोढ़ लागा कूल मनइन मा लक्षन नाइ देखाय सकत हय ।

प्रसार

कुष्ठरोग इ रोग कय रोगिन से बहुत लम्मा सम्पर्क औ नकुना कय पानी से होत हय । पुरान खोज कय अनुसार इ रोगा चमड़ा कय सम्पर्क से फइलत हय लेकिन नँवा खोज मा इ पता लाग हय कि साँस कय नली से एकर किटाणु देहि मा हलत़ हँय । यौन संपर्क से औ माई से गर्भ मा लरिका कय इ रोग नाइ लागत हय ।

लक्षन

एकर लक्षन बहुत मेर कय होइ सकत हय जइसय -नकूना से पानि बहब ,मूड़ कय चमडा झूर होब,चमडा मा लाल ,चमकिल औ झुर चकती आइब औ उ जगह पय मह्सुस करैक क्षमता कम होब , कुछ जगह पय चेहरा कय चमडा,कान,हाथे कय चमडा मोट होइ जाब,अंगुठा पय कम महसुस होब ,नकुना कय कार्टिलेज़ नष्ट होएक नाते नकूना चिप्टा होइजाब । एकर पहिला लक्षन चमडा पय लल्छँहु या फिक्का रङ कय धब्बा या चकती देखाब होय जवने पे गरम ठंढ या पीरा कम मह्सुस होत हय । अगभग ३०% मनईन मा नसा नष्ट होइ जात हय जवने कय नाते मांसपेसी कमजोड औ नसा कय काम करय वाला जगह सुन्न होइ जात हय ।

निदान

इ रोग दवाई से नीक होइ जात हय । पौसी बैसिलरी खर्तिन ६ महिन्ना तक डैप्सोन (dapsone) औ रिफाम्पिसिन (rifampicin) दवाई खायक परत हय । मल्टिबेसिलरी कुष्ठ रोग कय उपचार खर्तिन १२ महिन्ना तक रिफाम्पिसिन (rifampicin), डैप्सोन (dapsone) औ क्लोफेजिमिन (clofazimine) खाएक परत हय। इ दवाई विश्व स्वास्थ्य सङ्गठन सेती मे देत हय ।

सन्दर्भ

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